कोरोना ने बदले ऑफिस के डिजाइन और कल्चर

नयी दिल्ली। दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमण से 78 से ज्यादा लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं और कई देश अर्थव्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए लॉकडाउन से प्रतिबंध हटा रहे हैं। भारत में भी आठ जून से अनलॉक-1 का दौर शुरू हो चुका है और इस बीच कई कंपनियों को खोलने की अनुमित मिल गई है।

कोरोना को काबू करने के लिए लगाए गए लॉकडाउन से हर देश की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने कई देशों की अर्थव्यवस्था के नकारात्मक होने के संकेत दिए, जिसके ध्यान में रखते हुए सामान्य जीवन को वापस पटरी पर लाने का फैसला लिया गया।
दुनिया के कुछ ही देश हैं जो कोरोना से खुद को मुक्त घोषित कर चुके हैं लेकिन ज्यादातर देश कोविड-19 महामारी से घिरे हैं और लड़ाई लड़ रहे हैं। कोरोना के बीच उद्योगों को खोलने के सरकार के फैसले की कई जगह आलोचना हुई लेकिन बिना उद्योग, कंपनी खोले अर्थव्यव्था पर ठीक नहीं की जा सकती है।

अब कोरोना के बढ़ते मामलों के साथ काम करना है तो कंपनियों और संगठनों को अपने ऑफिस के डिजाइन को बदलना होगा। काम करने का समय बदलना होगा और फर्नीचर का दोबारा संचालन करना होगा ताकि दफ्तर में काम करने आ रहे कर्मचारियों की सुरक्षा बनी रहे। कैसे डिजाइन हो सकता है नया ऑफिस, यहां पढ़ें…

कम से कम दूरी रखें

नए दफ्तर को कुछ इस तरह तैयार करें कि वहां बैठने वाले हर व्यक्ति या कर्मचारी के बीच दो मीटर या छह फीट की दूरी हो। बैठक वाले कक्ष में , कैफे, रेस्ट रूम में कम कुर्सियां और टेबल लगाएं ताकि एक साथ ज्यादा भीड़ ना जा सके।

घड़ी की सुईं की दिशा मेंं कर्मचारियों को चलाने के लिए उसी दिशा में नियोन रंग से पट्टी लगा दें। लोगों को ऐसे बैठाएं कि वो एक दूसरे के चेहरे के सामने ना आएं और दफ्तर में कर्मचारियों की गतिविधियों को नियंत्रित करें।

दफ्तर का नया डिजाइन कैसा हो?

दफ्तर का घनत्व
दफ्तर को कुछ इस तरह डिजाइन किया जाए कि दो लोग एक-दूसरे के सामने ना बैठे हो और ना ही एकदम आस-पास बैठे हों। दफ्तर में तिरछे तरीके से कर्मचारियों के बैठने का प्रबंध करें और एक कर्मचारी के पास वाली सीट को खाली छोड़कर दूसरी सीट पर दूसरे कर्मचारी को बैठाएं

फर्नीचर का पुन:निर्माण करें
फर्नाचर के अलग-अलग हिस्से बनाना ताकि कई लोग एक साथ इन हिस्सों का इस्तेमाल कर सकें।

सीमा तय करना
दफ्तर में कर्मचारियों को छह फीट और दो मीटर की दूरी तय करने की सलाह दें। अगर कर्मचारी को मजबूरन भीड़-भाड़ वाले इलाके में जाना पड़ रहा है या फिर दो कर्मचारियों के बीच छह फीट या दो मीटर की दूरी नहीं है तो दोनों कर्मचारियों को शील्ड इस्तेमाल करने की सलाह दें।

टच प्वाइंट पर रोक
स्विच, बायोमैट्रिक, दरवाजे के हैंडल और अटेंडेंस सिस्टम का कम से कम इस्तेमाल करें। नए दफ्तर में इन चीजों के इस्तेमाल के लिए कोई दूसरा विकल्प खोजने की कोशिश करें।

थोड़े समय के लिए बाहर निकलें
अगर दफ्तर में जिम और कैंटीन है तो क्या उन्हें प्राकृतिक हवा और रोशनी में बाहर निकाला जा सकता है। कर्मचारी उचित दूरी का ध्यान रखकर इन चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं और इन मशीनों के इस्तेमाल से पहले सबसे जरूरी काम सैनिटाइज करना ना भूलें।

 

 

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