ऋण सुविधा लिये जाने से सम्बन्धित अपेक्षित सुधार तेजी से करें पूरा : मुख्य सचिव

देहरादून। मुख्य सचिव ओमप्रकाश की अध्यक्षता में उनके सचिवालय सभागार में ईज ऑफ डुईंग बिजनेस के अंतर्गत निर्धारित कार्य बिन्दुओं तथा जीएसडीपी (ग्रोस स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट- सकल राज्य घरेलु उत्पाद) का अतिरिक्त 2 प्रतिशत ऋण सुविधा लिये जाने के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में मुख्य सचिव ने उद्योग, राजस्व विभाग, शहरी विकास, पंजीकरण विभाग, वित्त विभाग, श्रम विभाग, वन विभाग, खनन विभाग, खाद्य आपूर्ति आदि विभागों को तेजी से ईज ऑफ डुईंग बिजनेस में किये जाने वाले अपेक्षित सुधारों को पूरा करने के निर्देश दिये ताकि राज्य को जीएसडीपी का अतिरिक्त 02 प्रतिशत ऋण सुविधा का लाभ पॉपर तरीके से मिल सके। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में विभिन्न विभागों के स्तर पर जो सुधार किये जाने हैं, उन्हें अविलम्ब पूरा करें।

उन्होंने वन नेशन वन राशन कार्ड, ऊर्जा सैक्टर में सुधार, नवीनीकरण की आवश्यकता में सुधार या इसकी समाप्ति तथा जनपद स्तर पर ईज ऑफ डुईंग बिजनेस के विभिन्न बिन्दुओं पर सम्बन्धित विभागों को निर्धारित टाइमलाइन देते हुए अपेक्षित सुधारों को पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने वन नेशन वन राशन कार्ड योजना में 100 प्रतिशत आधार कार्ड सीडिंग प्रक्रिया को आगामी 15 दिसम्बर तक अनिवार्य रूप से शत् प्रतिशत करने के निर्देश दिये, जिसकी प्रगति अभी तक 99 प्रतिशत हो चुकी है।

उन्होंने सर्टिफिकेशन ऑफ फौरेस्ट लैण्ड और ई मॉड्यूल डेवलपमेन्ट में शीघ्र सुधार करने के भी निर्देश दिये। मुख्य सचिव ने टैण्डर प्रक्रिया में शिकायत निवारण जिसके तहत निर्धारित टाइमलाइन में डैशबोर्ड पर शिकायतों का बेहतर निस्तारण हो जाये के सम्बन्ध में सचिव समिति के स्तर पर चर्चा करते हुए इसके समाधान करने के निर्देश दिये।

इसके अतिरिक्त ऊर्जा सैक्टर में सुधार, ऑनलाइन पोर्टल पर तीव्र भुगतान, शहरी निकायों में सुधारीकरण, नवीनीकरण की आवश्यकता की समाप्ति अथवा अपेक्षित सुधार तथा जनपद स्तर पर ईज ऑफ डुईंग बिजनेस से सम्बन्धित सुधारों के सम्बन्ध में भी सम्बन्धित विभागों को तेजी से सुधार पूरा करते हुए कृत विवरण से सूचित करने को कहा। मुख्य सचिव ने ईज ऑफ डुईंग बिजनेस में लक्षित सुधार लाने और जीएसडीपी का 2 प्रतिशत अतिरिक्त ऋण धनराशि का लाभ प्राप्त करने के लिए प्रत्यके 15 दिन में इस सम्बन्ध में समीक्षा बैठक करने के भी निर्देश दिये।

साथ ही दो या दो से अधिक विभागों के अपेक्षित संयुक्त सुधारों में प्रगति लाने के लिए आपसी समन्वय से प्रगति बढ़ाने को निर्देशित किया। विदित है कि उत्तराखण्ड द्वारा यदि वन नेशन वन राशन कार्ड, ऊर्जा सैक्टर में सुधार नवीनीकरण की आवश्यकता को समाप्त करने या इसमें सुधार कार्य तथा जनपद स्तर पर ईज ऑफ डुईंग बिजनेस से सम्बन्धित बिन्दुओं में यदि दिसम्बर 2020 तक अपेक्षित सुधार किया जाता है तो राज्य की कुल जीएसडीपी का 2 प्रतिशत (लगभग 4600 करोड़ रूपये) की अतिरिक्त ऋण सुविधा का लाभ राज्य को प्राप्त होगा, जिसका राज्य लक्षित कार्यों में उपयोग कर सकेगा।

इस दौरान सचिव वित्त मती सौजन्या व सचिन कुर्वे, आयुक्त उद्योग एस.ए. मुरूगेशन, अपर सचिव विनोद सुमन, आलोक कुमार पाण्डेय, प्रताप शाह आदि सम्बन्धित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.