बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भेजा एसएसपी को पत्र

देहरादून। उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा नाबालिग बालिका से हुई छेड़छाड़ मामले में संज्ञान लेते हुए आरोपियों के खिलाफ पोक्सो अधिनियम की धाराओं के तहत कड़ी कार्यवाही की मांग की गयी है। आयोग द्वारा कहा गया है कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ पोक्सो अधिनियम की धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर जांच रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर आयोग को प्रेषित करें।

उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षा ऊषा नेगी द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून को भेजे गये पत्र के माध्यम से कहा गया है कि ब्राहमणवाला निवासी एक व्यक्ति द्वारा आयोग को अवगत कराते हुए बताया गया कि उनकी नाबालिग बालिका (10) वर्ष दो अन्य बालिकाओं के साथ पार्क में खेल रही थी। जहंा पर आरोपी शराफत अली अपने दो अन्य साथियों के साथ आया और बालिकाओं के साथ छेड़छाड़ करने लगा।

बताया कि आरोपी शराफत अली व उसके साथी शिकायतकर्ता की बालिका को गली से घसीट कर ख्ेातों की ओर ले जाने लगे। जिस पर बालिकाओं ने चिल्लाना शुरू कर दिया। इस पर आस पास के लोग एकत्र हो गये और आरोपी शराफत अली मौके पर ही पकड़ा गया। जबकि उसके अन्य साथी भागने में सफल रहे।

लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दी और आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से इस मामले में संज्ञान लेते हुए आरोपियों के खिलाफ पोक्सो अधिनियम की धाराओं के तहत कड़ी कार्यवाही की मांग की गयी है।

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