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साहित्य/काव्य

आज़ादी का अमृत महोत्सव 2021

भारतीय इतिहास का यादगार, गौरवशाली दिवस। जब देशभक्तों ने किया अंग्रेज़ो को भारत छोड़ने पर विवश॥ आज़ादी के अमृत महोत्सव का अनूठा उत्सव। भारत माता की जय-जयकार का होगा कलरव॥ नहीं भूलेंगे स्वतन्त्रता सेनानियों का बलिदान और त्याग। उन्होने तो…

15 अगस्त पर विशेष रचना : स्वतंत्रता का झंडा

भारत के आजादी पर्व को, मिल-जुलकर हम मनाएंगे, देश के अमर शहीदों के हम, जण गण मन दोहराएंगे, देश के खातिर हम सब अपना लहू दान कर जाएँगे, देश के वीर शहीदों पर हम, इतिहास नया बनवाएँगे आजादी के दीवाने हम हैं बस आजादी लाएंगे, माँ…

स्वतंत्रता दिवस का उत्साह

डिजिटल डेस्क : हमेशा हमें यही प्रतीत होता है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसरो पर हमारे शरीर में नई ऊर्जा का संचार हो जाता हैं। इसका कारण क्या हैं? यह जानने की हमने कभी चेष्टा नहीं की। देखा जाए तो यह उत्साह ज्यादातर छात्रों में होता हैं। चाहे…

स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों की उम्मीदें, इन 75 वर्षों में कितने कदम चले हम

डिजिटल डेस्क : लगभग एक सौ तीस करोड़ लोगों का देश भारत जो कभी सोने की नगरी कहा जाता था,स्वतंत्रता के इन 75 वर्षों में किन किन क्षेत्रों में कितने कदम आगे बढ़ा है.इसका मूल्यांकन निम्न बातों से किया जा सकता है कि आज भी एक आम भारतवासी 75 वां…

स्वर्णिम आभा लेकर आया स्वतंत्रता दिवस का अमृत महोत्सव

डिजिटल डेस्क : भारत में जहां पिछले 2 वर्षों से करुणा संक्रमण के कारण हताशा निराशा के बादल छाए हुए थेl देशवासियों ने बड़ी हिम्मत और दिलेरी से करोना जैसे राक्षस का सामना कर उस पर काफी हद तक विजय पाई है।.हमारे देश के खिलाड़ियों ने जापान…

संजीव-नी : हां, हम आजाद हैं

हां, हम आजाद हैं। क्या हुआ यदि देश मे अस्थिरता है , है क्या हुआ यदि देश मे अराजकता है, हां, हम आजाद हैं। क्या हुआ यदि देश मे राजनैतिक दो मुंहापन है क्या हुआ यदि देश में , बिना विचारचार की सरकार है , क्या हुआ यदि स्कैंडल्स की…

स्वतंत्रता दिवस की 75 वीं अमृत जयंती महोत्सव के उपलक्ष्य में कविता

स्वतंत्रता दिवस की अमृत जयंती मना रहे हैं हम नागरिक सारे 75 वर्ष हो गए आज़ादी को फिर भी प्रश्न शेष रह गए थे अधूरे हिम्मत जज़बा है काम करने का तो मिल जाते हैं प्रश्नों के उत्तर पूरे हर कदम पर विरोध रहकर भी सफलता के पथ करने होते…

स्वतंत्रता दिवस पर विशेष कविता : 75वां स्वतंत्रता दिवस

देश 75वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। जनमानस खुद को, कोरोना का गुलाम पा रहा है। जिस समानता के अधिकार को पाया था। इतनी जद्दोजहद से, आज दो- गज की दूरी पर भी डरा जा रहा है। देश 75 वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। धर्म की आड़ लेकर…

आजादी का अमृत महोत्सव विशेष : पहचानने होंगे आजादी के अमृत, उत्सव और हलाहल!

डिजिटल डेस्क : आजादी की 75 वी वर्षगांठ पर पूरा देश आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहा है । महामारी की चुनौतियों के बीच महोत्सव पर चिंतन देश के जीवट का परिचायक है । कुल मिलाकर कह सकते हैं कि आज देश ऐसी सुदृढ़ अवस्था में है कि किसी भी चुनौती के…

नोक की झौंक : स्वाधीन हम

डिजिटल डेस्क : देश पचहत्तरवां स्वाधीनता दिवस मना रहा है। 15 अगस्त 1947 को हम आजाद हुए थे। संवैधानिक और शारीरिक रूप से स्वतंत्र होने के कुछ समय बाद हम मानसिक रूप से स्वतंत्र हो गए। आज तो हम एकदम स्वतंत्र हैं। बोलने की आजादी है, जहां चाहें…

उत्तराखंड : सवाल पहाड़वासियों की ज़मीन बचाने का, वरिष्ठ पत्रकार और लेखक जय सिंह रावत की कलम से…

डिजिटल डेस्क : स्वाधीनता आन्दोलन के दौरान ही देश को अंग्रेजों से मुक्त कराने के साथ ही किसानों को जमींदारों से मुक्त कराने का मुद्दा उठ गया था। इसीलिये संयुक्त प्रान्त की असेंबली ने 8 अगस्त 1946 को काश्तकार और सरकार के बीच के बिचौलिये…

देवपथ विशेष साक्षात्कार : पहाड़ की शान, युवा समाजसेवी भूपेंद्र कोरंगा के जीवन पर एक ख़ास नज़र

टीम "देवपथ" की युवा समाजसेवी, युवाओं के प्रेरणा कम उम्र में समाज में सकारात्मक उदाहरण पेश करने वाले भूपेंद्र कोरंगा से ख़ास बातचीत। आइए युवा समाजसेवी भूपेंद्र कोरंगा के जीवन पर डालते है प्रकाश ... भूपेंद्र कोरंगा का जन्म 06 नवम्बर 1998…

कविता : जवान जबान

मन की मनोव्यथा सुना दिल के भेद बता देना आंसूओं को आवाज व होठों को आभास देना जबान की जवानी होती हैं| लक्ष्य को राह देना काम पर ध्यान देना मजबूरी में मौन व भाव का गौण होना जबान की जवानी होती हैं| मन मचल करके भावना को कुचलकर बात…

देवपथ विशेष रिपोर्ट : उत्तराखंड से हटे तीरथ, पुष्कर की पीठ पर पहाड़

डिजिटल डेस्क : महज 114 दिन के बाद ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने आखिरकार त्यागपत्र दे दिया और खटीमा के तेजतर्रार युवा विधायक पुष्कर धामी 3 जुलाई को शाम 6:00 बजे उत्तराखंड की कमान मुख्यमंत्री के रूप में संभाली। राजनीति में…

पितृ दिवस् पर पर विशेष :- पिता एक अदृश्य ब्रह्मांड

डिजिटल डेस्क : "पिता", यह मात्र एक शब्द नहीं अपितु एक पुत्र की सभी संभावित शक्तियों को समेटे हुए एक अदृश्य ब्रह्मांड है। इस अदृश्य परिवेश में ही एक पुत्र स्वयं को सुरक्षित महसूस करता है। जब तक उसके सर पर पिता के रूप में वटवृक्ष रूपी छाँव…