आयातित ब्राह्मण संगठनों से सावधान रहे ब्राह्मण समाज : ओ.पी.वशिष्ठ

ब्राह्मण कल्याण बोर्ड की मांग पूर्णतः अस्वीकार्य

देहरादून : उत्तराखंड के दस ब्राह्मण संगठनों के शीर्ष संयुक्त संगठन ब्राह्मण समाज महासंघ उत्तराखंड की आज यहां हुई बैठक में आयातित ब्राह्मण संगठन ब्राह्मण युवजन सभा द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत जी से ब्राह्मण कल्याण बोर्ड की मांग, करने की निंदा करते हुए कहा है कि ब्राह्मण महासंघ की राष्ट्रीय ब्राह्मण आयोग के गठन की मांग एक लंबे अरसे से की जा रही है।

देश अथवा राज्य स्तर पर ब्राह्मण कल्याण बोर्ड की मांग अस्वीकार है। बैठक में ब्राह्मण युवजन सभा के उक्त बयान की भी पुरजोर निंदा की गई। जिसमें उक्त सभा के आशुतोष पांडे ने कहा है कि पहले ब्राह्मण भाजपा का वोट बैंक था लेकिन अब वह उत्तराखंड में कांग्रेस के लिए चुनाव में वोट करेगा।

महासंघ के मुख्य संयोजक पं.ओ.पी. वशिष्ट ने कहा है कि उक्त बाहरी आयातित संगठन की मांग पूर्णतया अव्यवहारिक व राज्य के 20% से अधिक ब्राह्मणों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है। जिस संगठन का उत्तराखंड में कोई आधार नहीं है जो चुनावी मौसम में मेंढकों की तरह कल तक भाजपा में होने की पुष्टि कर रहे हैं लेकिन आज अनायास कांग्रेस को समर्थन देने वाले बन गए हैं। ऐसे आयातित संगठन को कांग्रेस द्वारा महत्व देना दुर्भाग्यपूर्ण है।

महासंघ के उप मुख्य संयोजक एस.पी.पाठक ने कहा कि ब्राह्मण समाज महासंघ व उससे सम्बद्ध ब्राह्मण संगठन गैर राजनैतिक संग़ठन है। उनका उद्देश्य ब्राह्मण समाज को एकजुट करके उनके उत्थान व विकास के लिए निरंतर प्रयास करना है। सनातन धर्म के संरक्षण वह संवर्धन के साथ राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानकर कार्य करने वाले राजनैतिक दलों को प्रबुद्ध वर्ग स्वविवेक से समर्थन देने पर विचार करेगा।

अरुण शर्मा महासचिव ने कहा कि उत्तराखंड में जब सरकार तीर्थ पुरोहितों वह पन्नों पर अन्याय करके नया बोर्ड बना रही थी तब यह सभा कहां थी? जबकि ब्राह्मण समाज महासंघ ने सरकार के उस कदम का पुरजोर विरोध करते हुए गांधी पार्क में धरना व प्रदर्शन किया था। धरने में नेता प्रतिपक्ष सहित कई राजनैतिक हस्तियों ने समर्थन दिया था।

महासंघ के प्रचार सचिव (प्रवक्ता) डॉ.वी.डी.शर्मा ने बताया कि महासंघ के सभी घटक संगठनों ने निर्णय लिया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में जो ब्राह्मण प्रत्याशी सनातन धर्म के प्रति निष्ठावान व आचरण में वैदिक कर्मों से युक्त हो। भगवान परशुराम जयंती, ब्राह्मण सम्मेलनों में खुलकर भागीदारी करें। ब्राह्मण हितों के लिए समर्पित हो तथा शासन-प्रशासन से अन्य संस्थानों की भांति सुविधाएं उपलब्ध कराने का व्रत ले महासंघ उसी का समर्थन करेगा। बैठक में ब्राह्मण युवजन सभा के प्रति निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। ब्राह्मण समाज महासंघ सहित अधिकांश ब्राह्मण संगठनों की मांग है कि “राष्ट्रीय ब्राह्मण आयोग” का गठन किया जाए न की “ब्राह्मण कल्याण बोर्ड की”।

बैठक की अध्यक्षता मुख्य संयोजक पंडित ओ.पी.वशिष्ठ ने की तथा संचालन महामंत्री अरुण शर्मा ने किया। इस अवसर पर महासंघ के घटक संगठनों के प्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।

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