जरूरत पड़ने पर सीमा पर जाने को तैयार आक्रोशित पूर्व सैनिक

अल्मोड़ा/हल्द्वानी : लद्दाख की गलवां घाटी में भारतीय सैनिकों पर चीन सैनिकों की बर्बरता से आक्रोशित पूर्व सैनिक जरूरत पड़ने पर सीमा पर जाने को तैयार हैं। पूर्व सैनिकों का कहना है कि सेवानिवृत्त होने पर हथियार रख दिए हैं, चलाना नहीं भूले हैं। सेना के एक आह्वान पर पूर्व सैनिक सीमा की ओर चल पड़ेंगे। प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन में पूर्व सैनिकों ने जरूरत पड़ने पर सीमा पर जाने और हथियार उठाने की बात कही है। पूर्व सैनिकों का कहना है कि चीन हमेशा छलबल करता रहा है। गलवां घाटी में इस बार भी यही रणनीति चीन ने अपनाई है। संस्था के प्रदेश महासचिव पूर्व सूबेदार हरी सिंह नेगी ने कहा कि पूरे विश्व में भारतीय सेना का कोई सानी नहीं है। दुश्मन से हर स्थिति में पार पाने का माद्दा भारतीय सेना में है। पूर्व सैनिकों ने कहा कि वह हथियार चलाना नहीं भूले हैं। जरूरत पड़ने पर वह भी सीमाओं पर जाकर लड़ सकते हैं। ज्ञापन भेजने वालों में बचे सिंह कुवार्बी, आरडी उपाध्याय, प्रेम सिंह फर्त्याल, शेखर चंद्र पुजारी, गोविंद सिंह रावत आदि रहे।

हल्द्वानी में भी चीन से लड़ने के लिए 23 पूर्व सैनिक तैयार, पीएम को लिखा पत्र

लद्दाख की सीमा पर चीन से लड़ने के लिए 23 रिटायर्ड गौरव सेनानियों के ग्रुप ने अपनी इच्छा जाहिर की है। इसके लिए उन्होंने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इजाजत मांगी है। गौरव सेनानियों का एक शिष्टमंडल सोमवार को एसडीएम विवेक राय से मिला। सूबेदार मेजर (रि.) नारायण सिंह बोरा (4 कुमाऊं रेंजीमेंट) ने बताया कि पिछले दिनों हुई घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। चीन की हरकत का जवाब देने के लिए उच्च तुंगता पद्धति स्कूल (एचएडब्ल्यूएस) लद्दाख के ट्रेनिंग ग्रुप के सदस्य सीमा पर जाने के लिए तैयार हैं। यदि भारत सरकार इजाजत दे तो ट्रेनिंग स्कूल से जुड़े सभी सदस्य अपनी सेवाएं दे सकते हैं। रिटायर्ड सभी 23 सदस्यों को ग्लेशियर पर युद्ध करने का अनुभव हैं। वे जवानों को ट्रेंड भी कर सकते हैं।

इन्होंने मांगी इजाजत

ब्रिगेडियर अशोक अभेय, ब्रिगेडियर के कुमार, ब्रिगेडियर बीपी सिंह, कर्नल समीरानंद, सूबेदार मेजर नारायण सिंह बोरा, ऑनरेरी कैप्टन दीपक ठाकुर, कैप्टन हीरा सिंह, कैप्टन देशराज, कैप्टन चेतराम, कैप्टन ओम प्रकाश (डोगरा रेजीमेंट), कैप्टन विनोद कुमार और भरत सिंह (9 पैरा), कैप्टन कालम सिंह (जाट रेजीमेंट), कैप्टन बंशीलाल और कैप्टन जोगेंद्रपाल (जेकेएलआई), कैप्टन चंचल सिंह (18 कुमाऊं), कैप्टन राम सिंह (महार रेजीमेंट), सूबेदार मेजर कुंवर सिंह (4 कुमाऊं), सूबेदार मेजर दीवान राम, बच्ची सिंह, सूबेदार मेजर राजेंद्र सिंह और नायब सूबेदार ध्यान सिंह।

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