एसीआर अपूर्ण होने के कारण नहीं हो पा रहे कर्मचारियों के प्रमोशन

देहरादून : प्रदेश के सभी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, स्वायत्त संस्थाओं को शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि कार्मिकों की वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि (एसीआर) तय समयसीमा में तैयार कर ली जाए। लेकिन कर्मचारी संगठन लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि एसीआर अपूर्ण होने की वजह से कर्मचारियों के प्रमोशन नहीं हो पा रहे हैं। अब सरकार ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति की व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने का फैसला किया है। असल प्रश्न यही है कि जब समय पर एसीआर ही तैयार नहीं होगी, तो लोकसेवक के काम का मूल्यांकन कैसे हो पाएगा? 10 साल की सेवा की एसीआर अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए मूल्यांकन का सबसे मुख्य आधार है। कार्मिक विभाग की ओर से सभी विभागीय अधिकारियों की एसीआर तैयार करने को लेकर स्पष्ट निर्देश हैं। कार्मिक विभाग ने दिसंबर 2003 में एक शासनादेश जारी किया है। इसमें वार्षिक प्रविष्टियों, सत्यनिष्ठा पत्र, प्रतिकूल प्रविष्टि तैयार करना तथा प्रविष्टियों के खिलाफ प्रत्यावेदन का निस्तारण करने की पूरी प्रक्रिया है। राजपत्रित और अराजपत्रित कर्मचारियों की एसीआर तैयार करने के लिए समय सीमा का निर्धारण तक है, लेकिन कर्मचारी संगठनों की शिकायत है कि एसीआर तैयार करने में विभागीय अधिकारी हीलाहवाली करते हैं। समय पर एसीआर तैयार न होने से उन्हें प्रमोशन नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसी शिकायतें अपर मुख्य सचिव कार्मिक से कर्मचारी संगठन कई बार कर चुके हैं। एक बार फिर उन्होंने इस मसले को शासन स्तर पर उठाने का निर्णय लिया है। शासन को सभी विभागों को एसीआर समय पर तैयार करने के निर्देश देने चाहिए। विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी शिकायत करते हैं कि उनकी एसीआर समय पर तैयार नहीं होती। एसीआर लिखे जाने के लिए उन्हें अधिकारियों की परिक्रमा करनी पड़ती है। जब एसीआर समय पर नहीं लिखी जाएगी कर्मचारियों की कार्यक्षमता, कर्तव्यनिष्ठा और दक्षता का कैसे मूल्यांकन हो पाएगा। मंच की होने वाली बैठक में इस मुद्दे पर विचार किया जाएगा।
– पूर्णानंद नौटियाल, प्रदेश प्रवक्ता, उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी समन्वय मंच

परिषद लंबे समय से विभागाध्यक्षों व शासन से यह मांग उठा रही है कि लोकसेवकों की एसीआर समय पर तैयार की जाए। बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रमोशन से वंचित रह गए क्योंकि उनकी एसीआर पूरी नहीं थी। परिषद ने यह मामला अपर मुख्य सचिव कार्मिक से उठाया था। शासन से हमारी मांग है कि वह सभी विभागाध्यक्षों व कार्यालयाध्यक्षों को ताकीद करे ताकि समय पर एसीआर तैयार हो सकें।
– अरुण पांडेय, प्रदेश कार्यकारी महामंत्री, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद

कब किस अधिकारी की एसीआर लिखी जानी है

अराजपत्रित कर्मचारी : हर हाल में 31 अगस्त तक पूरी होनी चाहिए। प्रतिवेदक अधिकारी को 31 जुलाई तक स्वीकर्ता प्राधिकारी को अपनी सिफारिश उपलब्ध करानी हैं।
राजपत्रित अधिकारी : जिनके प्रतिवेदक अधिकारी, समीक्षक अधिकारी और स्वीकर्ता अधिकारी विभागाध्यक्ष या उनसे निम्न स्तर के अधिकारी हैं, उनके अधीनस्थ अधिकारियों की एसीआर निश्चित रूप से 31 अगस्त तक पूरी होनी चाहिए। जिनके समीक्षक अधिकारी और स्वीकर्ता अधिकारी शासन स्तर के अधिकारी हैं, उनकी एसीआर विभागाध्यक्ष को प्रशासनिक विभाग में 31 अगस्त तक भेजनी चाहिए। शासन स्तर पर ये प्रविष्टि 30 सितंबर तक पूरी होनी चाहिए।

शासन स्तर पर एसीआर लिखे जाने की समय सारिणी

प्रतिवेदक अधिकारी – 31 जुलाई
समीक्षक अधिकारी – 31 अगस्त
स्वीकर्ता अधिकारी – 30 सितंबर
ग्रेडिंग : (उत्कृष्ट, अति उत्तम, उत्तम, अच्छा या संतोषजनक)

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