बांग्लादेश सरकार ने लिया ऐतिहासिक फैसला, अब दुष्कर्म के दोषी को मिलेगी सिर्फ मौत की सजा



ढाका : प्रधानमंत्री शेख हसीना की अध्यक्षता में सोमवार को बांग्लादेश के मंत्रिमंडल ने दुष्कर्म के मामलों में अधिकतम सजा को आजीवन कारावास से बढ़ाकर मृत्युदंड करने वाले कानूनी संशोधन को मंजूरी दे दी है।

बीडी न्यूज24 ने कैबिनेट सचिव खंदकर अनवरुल इस्लाम के हवाले से कहा कि चूंकि संसद का सत्र नहीं चल रहा है, लिहाजा महिला एवं बाल अत्याचार निवारण अधिनियम शीर्षक से प्रस्तावित इस संशोधन के लिए अब राष्ट्रपति अब्दुल हमीद द्वारा अध्यादेश जारी करने की संभावना है।

कानून मंत्री अनिसुल हक ने बीडी न्यूज24 को बताया, अध्यादेश कल जारी किया जाएगा।

गौरतलब है कि नोआखाली में एक महिला के साथ हुए यौन शोषण और सिलहट के एमसी कॉलेज में एक महिला के साथ हुए दुष्कर्म के बाद ढाका समेत देश के कई हिस्सों में जमकर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे थे। इसके बाद इस कानून में संशोधन को मंजूरी दे दी गई।

आंकड़ों के अनुसार, पिछले 16 वर्षो में बांग्लादेश में दुष्कर्म के 4,541 मामले दर्ज किए गए और इनमें से केवल 60 मामलों में ही आरोपी को दंडित किया गया। इसी साल यहां कम से कम 889 महिलाओं के साथ दुष्कर्म हुआ है।

इस क्षेत्र में काम कर रहे कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह संख्या बहुत ज्यादा है, लेकिन एक सच्चाई यह भी है कि कई पीड़िताएं पुलिस से शिकायत नहीं करती हैं।

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