देहरादून।। सस्ते घर का सपना पूरा करने के लिए उत्तराखंड को मिला अभी छह माह का और समय

देहरादून। सस्ते घर का सपना पूरा करने के लिए उत्तराखंड को अभी छह माह का समय और मिल गया है। वहीं, दीनदयाल अंत्योदय योजना की अवधि भी केंद्र सरकार ने छह माह बढ़ा दी है। यह दोनों योजनाएं 31 मार्च को समाप्त हो रही थीं।

दूसरी ओर, अमृत-2 और स्वच्छ भारत मिशन-2 से उत्तराखंड को करोड़ों की सौगात मिलेगी। आइए जानते हैं किस योजना में क्या होने जा रहा है फायदा। शहरी विकास विभाग के सहायक निदेशक राजीव पांडेय के मुताबिक अमृत और स्वच्छ भारत के काम शुरू होने जा रहे हैं। बाकी दो योजनाओं का काम पहले से ही चल रहा है।

प्रधानमंत्री आवास योजना

क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी की योजना 31 मार्च को ही खत्म हो गई है। अब लाभार्थी आधारित निर्माण और प्राधिकरण के आवास निर्माण की योजना छह माह और चलेगी। लाभार्थी आधारित निर्माण के तहत 14,260 स्वीकृत में से अभी तक 4320 पूर्ण हुए हैं जबकि 8375 पर काम चल रहा है।

इसके तहत मकान बनाने के लिए केंद्र व राज्य से पैसा मिलता है। जबकि प्राधिकरणों के स्तर से 51,530 आवास की डिमांड आई थी, जिनमें से 29,990 स्वीकृत हुए थे। इनमें से महज 464 ही पूरे हो पाए हैं जबकि 2664 फ्लैट का निर्माण कार्य चल रहा है। अब अवधि बढ़ने से इस काम में कुछ तेजी आने की संभावना है।

दीनदयाल अंत्योदय योजना नेशनल अर्बन लिवलीहुड मिशन

यह योजना भी छह माह के लिए बढ़ा दी गई है। इसके तहत लोन लेने पर सब्सिडी मिलती है। मसलन अगर किसी ने नौ प्रतिशत की दर पर लोन लिया है तो सात प्रतिशत उसे खुद देना होगा और दो प्रतिशत के हिसाब से केंद्र सरकार सब्सिडी देती है। इसके तहत सेल्फ हेल्प ग्रुप्स को भी लाभ मिलता है।

इनसे मिलेगी करोड़ों की सौगात

अमृत-2 : अटल मिशन फॉर रिजुविनेशन एंड अर्बन ट्रांसफोर्मेशन(अमृत) योजना का दूसरा चरण शुरू हो चुका है। इसके तहत उत्तराखंड को कुल 646.67 करोड़ मिलेंगे। इनमें केंद्र से 582 और राज्य के 64.67 करोड़ होंगे। सभी 102 निकायों में इस पैसे से पानी, सीवर लाइन, ग्रीन स्पेस का विकास और जल स्त्रोतों का पुनर्जीविकरण किया जाएगा। 16 निकायों के लिए डीपीआर तैयार हो चुकी हैं, जिन पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में निर्णय होगा।

स्वच्छ भारत मिशन-2 : उत्तराखंड में स्वच्छ भारत मिशन-2 के तहत 381.56 करोड़ की सौगात मिलेगी। इनमें केंद्र से 343.40 करोड़ और राज्य के 38.16 करोड़ शामिल हैं। इस पैसे से सभी अमृत योजना से आच्छादित शहरों में जल प्रबंधन, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, शौचालय निर्माण और स्वच्छता के प्रति जागरुकता के काम होंगे।

RNS/DHNN

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