कार्यशाला का आयोजन।। उत्तरांचल विवि में हुआ ईएसजी पर मंथन

देहरादून। आज के दौर में दुनिया भर में किसी देश का असल आंकलन करने के लिए प्रचलित इन्वायरमेंटल सोशल और गवर्नेंस (ईएसजी) पैटर्न को समझने के लिए उत्तरांचल विश्वविद्यालय के ला कालेज में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।

पहली बार किसी विवि में इस विश्व स्तरीय विषय पर कार्यशाला का आयोजन हुआ। देश की प्रतिष्ठित लॉ फर्म धीर एण्ड धीर एसोसिएट के पार्टनर सोनल वर्मा इस अवसर पर मुख्य वक्ता थे। कार्यशाला में 225 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

विश्वविद्यालय के उपकुलपति प्रो. राजेश बहुगुणा ने कहा कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिपेक्ष्य में किसी भी देश, कम्पनी या संस्था का मूल्यांकन एनवायरमेन्टल, सोशल व गवर्नेंस (ईएसजी) के मानकों के आधार पर किया जाता है। भविष्य में ईएसजी. के सिद्धान्तों पर खरा उतरने वाले देश ही विदेशी निवेश को आकृषित कर सकेंगें और इन सिद्धान्तों पर खरे उतरने वाले संस्थानों का उज्जवल भविष्य है।

कुलाधिपति जितेन्द्र जोशी ने कहा कि विश्व में नवविकसित अवधारणा ‘पर्यावरण, समाज व शासन के सिद्धान्तों का अक्षरस पालन करना एवं अपने छात्रों को इन सिद्धान्तों में दक्ष करना हमारी प्रतिबद्धता है।

कार्यशाला के मुख्य वक्ता सोनल वर्मा ने कहा कि ईएसजी एक विश्वव्यापी आंदोलन है। भारत सरकार की आगामी योजनाएं इस पर आधारित है। अब वैश्विक निवेश का आधार ईएसजी बनता जा रहा है।

कार्यक्रम में प्रो पूनम रावत, इकबाल सिंह साहनी, सौरभ शर्मा, सचिन भारद्वाज, डा. शिखा गैरोला, वैभव उनियाल, डा. विभा सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक उपस्थित थे।

RNS/DHNN

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